मां महामाया के दरबार पहुंची महामहिम राष्ट्रपति ने मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद।

संजय सोंनी की खबर
रतनपुर- माँ महामाया देवी की पावन धरा रतनपुर धाम में देश की राष्ट्रपति महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रोटोकॉल समय मे हुआ,मां महामाया मन्दिर कार्यालय परिसर पर ट्रस्टियों द्वारा उनका आत्मिक अभिनन्दन किया गया।
उल्लेखनीय है कि एक सितंबर की तारीख को रतनपुर की इतिहास में आज दर्ज कर लिया गया, देश की सबसे सर्वोच्च पद पर आसीन रहने वाली महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का महामाया धाम में आगमन हुआ,जहाँ पर मन्दिर के ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह,सतीश शर्मा ,अरुण शर्मा द्वारा राष्ट्रपति तथा प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल,राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ,केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया गया,तदोपरांत वे माँ महामाया देवी मन्दिर जाकर सस्नेह मातारानी का विधि विधान से दर्शन पूजन कर देशवासियों के लिए सुख समृद्धि की कामना की, इस दौरान महामहिम की पुत्री इतिश्री मुर्मू भी उपस्थित थी,मन्दिर के पुजारी पंडित शशिकांत मिश्रा द्वारा उन्हें स्नेहपूर्वक पूजा पाठ कराया गया,
मातारानी के अलौकिक रूप का हुआ दर्शन ।
पहली बार रतनपुर पहुची महामहिम राष्ट्रपति को मां महामाया देवी के दिव्य स्वरूप का दर्शन लाभ मिला,राजसी श्रृंगार से सुशोभित मां महामाया देवी का अलौकिक रूप आमजनों को केवल नवरात्र के समय देखने को नसीब होता है,
ट्रस्ट ने अभिनन्दन कर स्मृति चिन्ह दिया।
मन्दिर के परम्परानुसार अतिथि देवो भवः के तर्ज पर मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह,सुनील सोन्थलिया तथा रितेश जुनेजा द्वारा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपती मुर्मू को माँ महामाया देवी का तैल चित्र,मातारानी की चुनरी व प्रसाद प्रदान कर उन्हें स्मृति चिन्ह स्वरूप दिया गया,
बच्चों से मिली,चॉकलेट भी बांटा।
मन्दिर दर्शन से लौटते समय मन्दिर मार्ग में स्थित एक काष्ठ मूर्ति बनाने वाले अनिल के घर पर महामहिम श्रीमती मुर्मू ने पहुंचकर काष्ठ कला को देखा,उसी दौरान वहां उपस्थित स्कूली छात्रों को उन्होंने चाकलेट बांटा,इस दौरान उपस्थित लोंगो ने भारत माता की जयकारा लगाते हुए उनका अभिनन्दन किया,
इस गरिमापूर्ण अवसर पर मन्दिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा,मैनेजिंग ट्रस्टी अरुण शर्मा,सुनील सोन्थलिया,रितेश जुनेजा, मनराखन जायसवाल,सन्तोष शुक्ला,बबलू चन्देल,सहित सभी ट्रस्टी उपस्थित थे,महामहिम के सुरक्षा के मद्देनजर पूरा मन्दिर परिसर छावनी में तब्दील रहा,चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान मौजूद रहे।