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स्वर्ण मुकुट एवं सोने के छत्र से सजा मां महामाया का दरबार।

मातारानी के राजसी रूप का भक्तों ने किया दर्शन।

संजय सोनी

रतनपुर– बासंती चैत्र नवरात्र के अंतिम दिवस नवमी तिथि पर महामाया देवी का अलौकिक व दिव्य रूप का दर्शन श्रद्धालुओं को मिला,लगभग चार  किलो सोने के आभूषणों से श्रृंगारित मातारानी के अलौकिक रूप का दर्शन लाभ आज हजारो की संख्या मे मातारानी के भक्तो ने किया ।

उल्लेखनीय है कि बासंती चैत्र नवरात्र के नवमी तिथि को सहस्त्र धारा,ब्राम्हण भोज व कन्या भोज के साथ सम्पन्न हो गया, शुक्रवार की सुबह सर्वप्रथम माँ महामाया देवी का राजसी श्रृंगार किया गया जिसमें लगभग पांच किलो सोने के आभूषण जिसमे स्वर्ण छत्र,स्वर्ण  मुकुट,रानीहार,कुंडल,करधन,पायल,सहित अन्य श्रृंगार के आभूषण शामिल है, इस अवसर पर मां महामाया देवी में 56 प्रकार के भोग लगाए गये, नवमी पर होने वाले मां महामाया देवी के दिव्य श्रृंगारित रूप का दर्शन पाने श्रद्धालुओं की सुबह से ही मन्दिर परिसर में तांता लगा रहा, वही मन्दिर प्रबन्धन द्वारा आनेवाले दर्शनार्थियों को सुगम तरीके से  सस्नेह मातारानी का दर्शन कराया गया।

नवरात्र सम्पन्न सभी सहयोगियों का आभार 

मन्दिर  ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह तथा मैनेजिंग ट्रस्टी अरुण शर्मा  ने नगर के सभी सहयोगियों को  ह्रदय से आभार ब्यक्त करते हुए कहा कि नगरवासियों तथा जिला प्रशासन के सहयोग से यह नवरात्री पर्व अच्छे ढंग से सम्पन्न हो सका,इसके लिए सभी सहयोगियों को ट्रस्ट की ओर से आभार प्रकट किया।