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जांच रिपोर्ट में पर्यावरण प्रदूषण की शिकायत पाई गई थी सही,अभी तक नहीं हुई वेलकम डिस्टलरी के ऊपर कार्यवाही।

चार माह पूर्व हुई शिकायत पर कार्यवाही शून्य।

कोटा एक तरफ़ सरकार किसानों का हितैषी बताती है, वही कोटा के छेरकाबांधा के किसानों को होनी वाली समस्याओं से प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है।चार माह पूर्व छेरकाबांधा सरपंच सहित वहां के ग्रामीणों ने वेलकम डिस्टलरी से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण एवं किसानों को होने वाली समस्याओं को मुख्यमंत्री से पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। शिकायत की जांच भी की गई थी। बावजूद शिकायत सही पाए जाने पर कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति ही गई।

छेरकाबांधा स्थित वेलकम डिस्टलरी प्रा.लि. की लापरवाही और मनमाने रवैय्ये के चलते ग्रामीणों के साथ साथ स्कूल के बच्चें और शिक्षक भी परेशान हैं l ग्रामीणों नें वेलकम फैक्ट्री से हो रही परेशानी के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था जिसके बाद 25/4/23 मंगलवार को आवेदन क्रमांक 771123114282 के तारतम्य में पटवारी हल्का नंबर 09 रतनपुर के द्वारा जांच की गई जिसमें पाया गया कि वेलकम डिस्टलरी के चमनी से निकलने वाले राखड़ डस्ट से कृषकों को फसल काटनें में परेशानी होती राखड़ के कण किसानों की आंख में जाते है l वेलकम से फैक्ट्री से निकला, गंदा पानी शासकीय वन भूमि पर एकत्रित होकर प्रदुषण फैला रहा और जल स्तर को भी प्रदुषित कर रहा है और बोरखनन में भी दूषित जल निकल रहा है l ग्रामीण घरों खाद्य समाग्री खुलेमें नही सुखा पा रहे है इन सभी समस्याओं से परेशान समस्त ग्रामवासी शासन से कडी़ कार्यवाही की अपेक्षा करते है l इन सभी पहलुओं की जांच कर पटवारी नें ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा बनाकर रतनपुर तहसील कार्यालय में जमा कर दिया था जिसके बाद आज तक कोई कार्यवाही नही हुई l

ग्रामीणों नें मुख्यमंत्री से पांच माह पहले शिकायत की थी जिसके बाद में मौके की जांच भी हुई थी जांच में वो सभी शिकायतें भी सही पाई गई लेकिन वेलकम प्रबंधन के रसुख के चलते आज तक इस पर कुछ नही हुआ l

चार माह पहले ही अगर जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर वेलकम प्रबंधन के उपर उचित कार्यवाही करते तो शायद आज पीपरपारा शा.पू.मा.शाला के बच्चे प्रबंधन द्वारा डाले गये खराब मटेरियल की दुर्गंध से विचलित नही होते और उनकी स्वास्थ और शिक्षा प्रभावित नही होती l

मुझे रतनपुर तहसील से आवेदन मिला था जिसके बाद ग्रामीणों के साथ मौका जांच किया गया था जो शिकायत हुई वह सही पाया गया थाl तहसीलदार मैडम को भी मैने स्पाट का निरिक्षण कराया था l जिसका गांव वालों के समक्ष पंचनामा बनाकर मैने रतनपुर तहसील में जमा कर दिया था उसके बाद आगे की क्या कार्यवाही हुई उसकी मुझे जानकारी नही है l – नीतू श्रीवास्तव पटवारी हल्का नं. 09

जांच में शिकायत सही पाई गई थी मैने भी वहां का निरिक्षण किया था फिर जांच रिपोर्ट हमने एसडीएम को सौंप दी थी आगे की जानकारी नही है मेरा ट्रांसफर हो गया है l – शिल्पा भगत तत्कालीन नायब तहसीलदार।