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ग्रामीणों का आरोप फर्जी क्लियरेंस लगाकर , अवैध निर्माण कर रहा वाशरी प्रबंधन।

शिकायत पर जांच में पहुंची जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम।

 

करगी रोड कोटा। कोटा एवं कोटा के आस पास के क्षेत्रों में कोल वाशरी का मकडजाल फैलता जा रहा है । लगातार कोल डंपिंग साइड से कोटा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दमा ग्रसित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।


ऐसे ही कोटा से लगे पत्थरा एवं खरगहनी ग्राम के सीमा से महावीर कोल वाशरी खुलने की जुगत में है।  स्थानीय ग्रामीण कोल वाशरी खुलने का शुरू से विरोध कर रहे है । अब यह विवाद स्थानीय ग्रामीण बनाम वाशरी प्रबंधन हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि वाशरी प्रबन्धन ने फर्जी अनापत्ति प्रमाण लगाकर कई विभागों से क्लीरेंश ले लिया ।

जबकि ग्राम में पेशा एक्ट कानून लागू है । ग्रामीणों का यह भी आरोप है कई एकड़ आदिवासी जमीन सामान्य जाती के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई है । अवैध मुरूम डंपिंग का भी ग्रामीणों द्वारा लगाया गया।

52 एकड़ से अधिक की जमीन राजेंद्र सिंह ने खरीदी। जिसकी रजिस्ट्री अरुण जैन के नाम पर हुई है। जबकि विशेष ग्राम सभा में अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया था ।
ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों की जांच टीम गांव पहुंची एवं बंद कमरे में केवल अधिकारियों एवं ग्रामीणों से चर्चा हुई।
इस संबंध में कोटा एस डी एम युगल किशोर उर्वशा ने बताया कि ग्रामीणों के शिकायत पर जिला स्तरीय जांच टीम ग्रामीणों से चर्चा की गई । अवैध मुरूम डंपिंग एवं अवैध निर्माण की जांच की बात कही। जबकि अधिकारियों से चर्चा के बाद ग्रामीणों ने समस्या का कई विशेष हल नहीं निकलने की बात कही।

बहरहाल देखना यह होगा कि ग्रामीणों के शिकायत का कहां तक निराकरण हो पाएगा। या वाशरी प्रबंधन के सामने सब बौने साबित होंगे।