सुबह आठ बजे खुलता है ओ पी डी, 12 बजे पहुंची डाक्टर।

बीएमओ का चेतावनी पत्र का भी डाक्टरों को के रवैया में कोई फर्क नही।
खबर संजय सोंनी।
रतनपुर–सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ की लापरवाही थमने का नाम ही नही ले रही है,पहले दिन मरीज का इलाज नही तो दूसरे दिन वही डॉ बीएमओ का चेतावनी पत्र पाने के बाद भी ओपीडी टाइम के चार घण्टे बाद अस्पताल पहुंची,उन्हें ज़रा सा भी उच्चाधिकारियों का भय नही है।

विदित हो कि बुधवार को “”तहलका24 “”ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था कि ” गायकानोलॉजी की लापरवाही से महिला मरीज की जान सांसत में ,,को संज्ञान में लेते हुए खण्ड चिकित्साधिकारी निखिलेश गुप्ता द्वारा बुधवार को डॉ नेहूल झा, व डॉ शीला साहा को चेतावनी पत्र जारी कर अपने ड्यूटी में सुधार लाने निर्देशित किया गया ,उसके बाद भी आज बुधवार को दोनो डॉक्टर ओपीडी समय मे अस्पताल नही पहुंचे, ,जिसके कारण मरीज घण्टो उनका इंतजार करते अस्पताल परिसर में बैठे रहे।

ओपीडी टाइम आठ बजे से वोआती है बारह बजे।
आसपास के सैकड़ो गांवों के मरीज रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के भरोसे है, किंतु ये दोनों स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कभी ओपीडी टीम में अस्पताल नही पहुंचती जिससे मरीजों को उचित इलाज व स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी नही मिल पा रही है, लापरवाही का आलम इस तरह से यहां देखने को मिला कि बीएमओ कोटा द्वारा चेतावनी पत्र दिए जाने के बाद भी डॉ नेहूल झा बुधवार को सुबह आठ बजे के बजाय बारह बजे अस्पताल पहुंची ,और डॉ शीला साहा तो अस्पताल आना ही उचित नही समझी,जिसकी पुष्टि अस्पताल में लगे सीसीकेमरे से की जा सकती है, उपरोक्त सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थय अधिकारी डॉ अनिल श्रीवास्तव से पूछने पर उन्होंने बताया कि उनकी इस लापरवाही पूर्ण कृत्य के लिए नोटिश जारी कर जवाब मांगा जाएगा,संतुस्टीजनक जवाब नही मिलने पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी,
” ड्यूटी में बार बार उक्त डॉक्टरों द्वारा अगर लापरवाही की जा रही है तो उन्हें पुनः एक बार नोटिस जारी कर उक्त मामले की जानकारी सीएमएचओ सर को दूंगा,
निखिलेश गुप्ता(बीएमओ)
कोटा
“अस्पताल में डॉक्टरों का समय ने न आना ,मरीजो के जान से खिलवाड़ करना है,ऐसे लापरवाह चिकित्सको के विरुद्ध अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए,ताकि इसकी पुनरावृत्ति ना हो सके,
रोहिणी बैशवाड़े(सामाजिक कार्यकर्ता)