दान की भूमि पर बना शासकीय अस्पताल, वर्षों गुजर गए अब तक दानदाता का नामकरण नहीं हुआ।

परिजनों ने कलेक्टर से नामकरण करने की गुजारिश की।
खबर,संजय सोंनी
रतनपुर– नया बस स्टैंड के पास निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम को श्री पुरुषोत्तम दास वैष्णव धरम अस्पताल नामकरण किये जाने हेतु भूमि दानदाता के परिजनों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मांग की है।

राधाकृष्ण मन्दिर की पुजारन श्रीमती कौशिल्या वैष्णव ने बीते दिनों जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए बताया है कि उसके पूर्वजों ने जनहित में एक एकड़ सत्तावन डिसमिल भूमि धरम अस्पताल बनाने हेतु शासन को जमीन दान में दिया था,उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि 11जनवरी 1967 को उनके पूर्वज श्रीमती रामदुलारी वैष्णव ने अपने स्व, पति की स्मृति में खसरा नम्बर 3677 का टुकड़ा रकबा एक एकड़ सत्तावन डिसमिल भूमि दान में दिया था,जिसका आज भी राजस्व अभिलेख में उल्लेख है, उक्त दान की भूमि पर शासन ने सरकारी अस्पताल बनवा तो दिया किंतु दानदाता के नाम का उल्लेख अस्पताल में आज तक नही लिखा गया है ,
** नामकरण करने की कृपा करे-कौशिल्या**
उन्होंने जिला कलेक्टर को दिए आवेदन पत्र में निवेदन कर उल्लेखित किया है कि जनहित मे दिए गए हमारे पूर्वजों के द्वारा भूमि का आज प्रशासन सदुपयोग तो कर रही है किंतु आज पचास वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशासन उक्त अस्पताल को दानदाता के नाम से नामकरण नही कर पाया है,जो एकदम अनुचित है,उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध कर शीघ्र ही रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नामकरण स्व,पुरुषोत्तम दास वैष्णव अस्पताल किये जाने की बात कही है।