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कोटा एवम आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा कोल साइडिंग का मकड़जाल।

कोल साइडिंग से बढ़ रहा वायु प्रदूषण, बड़ रहे है अस्थमा के मरीज।

करगी रोड कोटा।कोटा एवम आसपास क्षेत्रों में कोल साइडिंग का कार्य जोरों से चल रहा है । नित नई कंपनियां अपना पांव कोटा एवम आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में फैला रही है । कोल माफिया कृषि भूमि को कामर्शियल युज करके शासन एवम प्रशासन को लाखों करोड़ों का चूना लगा रहे है ।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भू माफियाओं एवम कोल माफियाओं की धौराभाटा, सलका नवागांव के आस पास की कृषि भूमि पर तिरछी नजर है।कोटा नगर एवम आस पास के क्षेत्र पर्यटन के नक्शे पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है । परंतु कोल साइडिंग के उड़ते हुए कोयले ने कोटा की आबो हवा को प्रदूषित कर दिया है। एन जी टी एवम पर्यावरण संरक्षण के नियमों की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही है।विडंबना ये है की प्रशासनिक अधिकारी कुंभरनीय नींद में सोए हुए। जिससे कोल माफिया के हौसले बुलंद है।

आचार संहिता से पहले एन ओसी लेने जुगत में कोल माफिया।

सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार कोल वाशरी चलाने के लिए नो ओ सी जरूरत होती है।जल्द से जल्द काम चालू करने के लिए चुनाव आचार सहिता के पहले एन ओ सी लेने की जुगत में है।पिछले पंच वर्षीय में नगर में
कोल वाशरी को एन ओ सी देने के नाम पर नगर की राजनीति में उबाल आ गया था ।

बहरहाल देखना यह होगा की क्या कोटा को इन कोयले की उड़ती हुई कालिख से निजात मिल पाएगा या कोल माफियाओं के रसूख के आगे आम जन के स्वास्थ से खिलवाड़ जारी रहेगा।